उत्तर प्रदेश में चुनावी बिगुल बजने के साथ ही प्रत्याशियों पर गहन विचार और उम्मीदवारों की लिस्ट पर फैसले का दौर पार्टियों में तेज़ हो गया। समाजवादी पार्टी में मचे घमासान के साथ ही दोनों गुटों ने अपने अपने प्रत्याशियों का एलान कर क्षेत्र में काम करने का निर्देश जारी करते हुए साइकिल पर दावेदारी की जंग को तेज़ कर दिया हालांकि मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने बृहस्पतिवार की मीटिंग में साफ़ तौर से कह दिया चुनाव की तयारी करें।

बहुजन समाज पार्टी ने आज पश्चिमी उत्तर प्रदेश से चुनाव की शुरूआत को देखते हुए 100 कैंडिडेट की आधिकारिक लिस्ट भी जारी कर दिया। मायावती की इस लिस्ट दलित मुस्लिम गठजोड़ के साथ ही सवर्णों और महिलाओं पर खास ध्यान दिया गया है। वहीँ बीजेपी भी जल्द ही लिस्ट जारी करने की तयारी में है।

कांग्रेस टिकट को लेकर कितनी गंभीर है इसकी मिसाल बृहस्पतिवार को पहले ही दिन की बैठक में साफ़ हो गया पूर्व केन्द्रीय मंत्री श्री प्रकाश जायसवाल, सलमान खुर्शीद और आरपीएन सिंह बैठक से नदारद रहे। इन सबके बीच कांग्रेस ने भी अपनी तयारी शुरू कर दी। उत्तर प्रदेश कांग्रेस कार्यलय में प्रदेश अध्यक्ष राज बब्बर , निर्मल खत्री समेत कई नेता टिकट के फैसले पर मंथन करते रहे और पहली लिस्ट में पश्चिमी उत्तर प्रदेश के प्रत्याशियों का नाम घोषित करने की रणनीति बनाते नज़र आये।

प्रदेश कार्यलय में रोज़ के मुकाबले चुनावी माहौल की गर्मी नज़र आयी और काफी संख्या में नेता धुप में बैठ कर अंदर चल रहे मंथन पर चर्चा करते नज़र आये। यह भी चर्चा रही की अभी भी पार्टी गठबंधन को ध्यान में रखकर रणनीति बनाने में लगी है।

बैठक तीन दिनों तक चलेगी समाजवादी पार्टी में दो धड़े होने के बाद कांग्रेस अखिलेश यादव के साथ गठबंधन के रास्ते खंगाल रही है। गठबंधन की पहल करने वाले प्रशांत किशोर और टीम को अलग ही रखा जा रहा है। एक बुज़ुर्ग नेता तो यह कहते नज़र आये की जब 403 कैंडीडेट ही नही मिल रहे तो गठबंधन न करें तो क्या करें। सूत्रों के अनुसार अगर अखिलेश यादव से सहयोग न मिला तो कांग्रेस राष्ट्रिय लोकदल से बात चीत करने का खाका भी तैयार कर रही ताकि एक खाना बचा रह सके। सूत्रों के अनुसार मुख्यमंत्री पद की उम्मीदवार शीला दीक्षित भबि पीछे हटने को तैयार हो गयी हैं।

पार्टी पूरी तरह से यह मान चुकी है बगैर किसी के साथ के 28 सीटें भी बचा कर रखना मुश्किल है। प्रमोद तिवारी ने कहा की 3-4 दिन में कांग्रेस पहली सूचि जारी कर देगी। इस बीच यह भी चर्चा रही कांग्रेस लखनऊ से भी एक ऐसे मुस्लिम प्रत्याशी के नाम पर सहमति जताने की तयारी में है जिसका जनाधार धरातल पर नही सोशल मीडिया पर और पार्टी के बड़े नेताओं के आस पास ज़्यादा नज़र आता है।
सपा के साथ चुनाव पूर्व गठबंधन के कयासों के बीच कांग्रेस ने आज राज्य विधानसभा चुनाव के लिये प्रत्याशियों के चयन को लेकर बैठक की। आखिरी लम्हे तक गठबंधन के सभी विकल्प खुले रखकर कांग्रेस की 36 सदस्यों वाली कमेटी ने सूबे की सभी 403 सीटों पर उम्मीदवारों के नाम पर मंथन किया। इसके बाद समिति अपनी अनुशंसा को पार्टी हाईकमान के पास भेजेगी जो प्रत्याशियों के नामों पर अंतिम मुहर लगायेगा।

कांग्रेस की प्रदेश इकाई के अध्यक्ष और समिति के अध्यक्ष राजबब्बर ने पत्रकारों को बताया कि बैठक तीन दिनों तक चलेगी। बैठक में हर विधानसभा क्षेत्र में संभावित प्रत्याशियों को बारीकी से जांचा परखा जायेगा और उचित प्रत्याशी का नाम हाईकमान को प्रेषित किया जायेगा। प्रक्रिया के अनुसार कमेटी हर सीट के लिये दो से तीन प्रत्याशी का चयन करेगी हालांकि मौजूदा विधायकों के लिये यह लागू नहीं होगा। अगर मौजूदा विधायक ने पार्टी से किनारा कर लिया है तब उस दशा में अन्य सीटों की तरह प्रक्रिया का पालन किया जायेगा।

कमेटी के उपाध्यक्ष निर्मल खत्री, मुख्यमंत्री प्रत्याशी शीला दीक्षित और पूर्व मंत्री जितिन प्रसाद समेत कांग्रेस के कई कद्दावर नेताओं ने बैठक में शिरकत की। हालांकि पूर्व केन्द्रीय मंत्री श्री प्रकाश जायसवाल, सलमान खुर्शीद और आरपीएन सिंह बैठक से नदारद रहे।