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रविवार को हुए इंदौर-पटना ट्रेन हादसे में अब तक 130 से ज्यादा लोगों ने अपनी जान गवाई और 200 से अधिक लोग के घायल होने की पुष्टि हुई है

हादसे में घायल हुए सभी लोगो का उपचार लगातार अस्पतालों में हो रहा है। इस हादसे में जो भाग्यशाली लोग है जिनकी जान बच गई उन्हें और भी दुःख और परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।

खबरों के अंसार हादसे में बचे लोगों को रेल अधिकारियों ने 5000 रुपये का नकद मुआवजा दिया है। मुआवजा देने तो ठीक है लेकिन पीड़ितों के अनुसार उन्हें मुआवजे के तौर पर बंद हो चुके पुराने नोट दिए गए है। पीड़ितों ने कहा कि, हमें बंद हो चुके पुराने नोटों में नकदी दी गई है। ये नोट हमारे किसी काम के नहीं है। लाखो लोगो बैंकों की कतारों में खड़े रहकर इन नोटों को बदलने में लगे हुए है। ऐसे समय में यह नोट हमारे किसी काम के नहीं है।

ट्विटर पर पत्रकार प्रशांत कुमार ने लिखा कि, " यह बात चौंका देने वाली है की पीड़ित लोगों को 500 के पुराने नोट दिए गए है। क्या काले धन को सफेद किया जा रहा है? उन्होंने लिखा 5000 रुपये दिए गए है जिस में से नौ 500 की नोट है जो कि पुराने है और पांच 100 की नोट है।"

एक पीड़ित ने बताया कि जिस व्यक्ति ने उन्हें मुआवजा दिया है वह रेल मंत्रालय से था।

उल्लेखनीय है कि इस हादसे में 130 से ज्यादा लोगों ने अपनी जान गवाई है और 200 से ज्यादा लोग जख्मी हुए है। जिनमें से तकरीबन आधे गंभीर रूप से जख्मी हुए है।

रेल मंत्रालय द्वारा दिए गए मुआवजे के बाद वहां मौजूद बसपा नेता ने पीड़ितों के पुराने नोटों की अदला बदली की और अवसर का फायदा उठाया है।

आपको बता दें कि अगले साल उत्तर प्रदेश में हो रहे चुनाव को मद्दे नज़र रखते हुए बसपा नेता ने ऐसा कदम उठाया है। गौरतलब है कि विधानसभा चुनाव में फायदा हासिल करने के लिए मायावती की पार्टी ने इस अवसर का चुनावी फ़ायदा अपने हाथों से नहीं जाने दिया।