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नोटबंदी के बाद से सारा देश लाइनों में खड़ा नजर आरहा है। किसी को बैंक में पैसे जमा करवाना है तो किसी को बैंक से अपने पैसे निकालने है।

बैंकों की कतारों में खड़े खड़े कईयों ने तो अपनी जान भी गवां दी है। इन सब के चलते देश का एक भी मंत्री या उद्योग्पति न कभी इन बैंकों की लाइन में नज़र आया है न ही किसी मंत्री के पास जमा नकदी की कोई खबर सामने आई है। लोगों के मन में इन सबको को लेकर काफी सवाल उठ रहे हैं। लोगो को जानना है कि इन मंत्रियों और उद्योगपतियों के पास कितना कैश मौजूद है।

खबरों के अनुसार एक रिपोर्ट से यह बात सामने आई है कि नोटबंदी से पहले काफी मंत्रियों के पास काफी नकदी मौजूद थी। इस सूची में सबसे ज्यादा पैसा रखने के लिए अरुण जेटली का नाम सबसे ऊपर है। इसके बाद श्री प्रसाद येसो नायक और हंसराज अहीर का नाम मौजूद है।

कॉमनवेल्थ ह्यूमन राइट्स इनिशिएटिव (CHRI) ने अपनी एक रिपोर्ट में ज्यादातर मंत्रियों की कैश डिटेल्स का खुलासा किया है। इस रिपोर्ट में बताया गया है की प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सभी मंत्रियों से अपनी संपत्ति की जानकारी हर साल प्रधानमंत्री कार्यालय में जमा करने के आदेश दिए है। पिछले साल कई मंत्रियों ने अपना ब्यूरो प्रधानमंत्री के दफ्तर में जमा कराया है। जबकि कुछ मंत्रियों ने अभी तक कोई भी ब्यूरो जमा नहीं करवाया है।

इस रिपोर्ट के अनुसार केंद्र सरकार में वित्त मंत्री अरुण जेटली के पास सबसे ज्यादा नकदी मौजूद है। 31 मार्च 2016 को दिए गए ब्यूरो में अरुण जेटली ने बताया की उनके पास कुल मिलाकर 65 लाख रुपये नकदी मौजूद था। जबकि येसो नायक के पास 22 लाख रुपये और हंसराज अहीर के पास 10 लाख रुपये नकदी के तौर पर थे।

'द हिन्दू' की एक रिपोर्ट के अनुसार केंद्र सरकार के कुल मंत्रियों में 23 मंत्री ऐसे है जिनके पास दो लाख रुपये से कम रुपये नकदी के रूप में थे। 76 मंत्रियो में से 40 मंत्रियो ने प्रधानमंत्री के दफ्तर में अपना ब्यूरो जमा किया है।