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अमेरिका के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा है कि वह अपनी दान संस्था को बंद करने की योजना रखते हैं। डोनाल्ड जे ट्रम्प फाउंडेशन एक निजी चैरिटेबल संस्था है।

जिसे डोनाल्ड ट्रम्प ने वर्ष 1987 में अपनी बेस्ट सेलिंग किताब 'द आर्ट ऑफ द डेल' की कमाई से स्थापित किया था। गौरतलब है कि उनके चैरिटेबल फाउंडेशन के कामकाज के बारे में जांच जारी है। न्यूयॉर्क के अटॉर्नी जनरल फाउंडेशन में होने वाली 'संभावित अनियमितताओं' की जांच कर रहे हैं जबकि ट्रम्प अनियमितता से इनकार करते हैं।

अटार्नी जनरल के कार्यालय ने कहा है कि जब तक जांच जारी है, ट्रम्प अपने फाउंडेशन को बंद नहीं कर सकते।

ट्रम्प ने शनिवार को एक बयान में कहा था कि उनके 'फाउंडेशन ने पिछले वर्षों के दौरान कई अच्छे काम किए और योग्य संगठनों को करोड़ों डॉलर की सहायता दी जिसमें बुजुर्ग लोगों, कानून लागू करने वाले अधिकारियों और बच्चों को सहयोग भी शामिल है । '

उन्होंने संस्था को बंद करने का औचित्य साबित करते हुए कहा है कि 'मेरी राष्ट्रपति भूमिका के साथ अपने संभावित टकराव से बचने के लिए मैंने फैसला किया है कि मैं धर्मार्थ कार्यों में अपनी रुचि को दूसरे तरीके से जारी रख सकता हूं। गौरतलब है कि ट्रम्प 20 जनवरी को राष्ट्रपति ओबामा की जगह लेंगे। उन्होंने आठ नवंबर को होने वाले चुनाव में डेमोक्रेट उम्मीदवार हिलेरी क्लिंटन को हराया था।

डोनाल्ड जे ट्रम्प फाउंडेशन एक निजी धर्मार्थ संस्था है जिसे डोनाल्ड ट्रम्प ने वर्ष 1987 में अपनी बेस्ट सेलिंग किताब 'द आर्ट ऑफ द डेल' की कमाई से स्थापित किया था। उन्होंने वर्ष 1989 में उसे दस लाख डॉलर का योगदान दिया था और 2005 तक ट्रम्प ही मुख्य रूप से इसमें वित्तीय सहयोग करते रहे लेकिन इसके बाद वह संस्था बैंक के अंतर्गत आ गई और इसमें ट्रम्प, उनके दोस्त और सहयोगी एसोसिएट्स की ओर से सहयोग होने लगा।

इंटरनल रिवीनू सर्विस साल 2014 की नवीनतम रिपोर्ट के अनुसार फाउंडेशन ने 12 लाख डॉलर से अधिक की संपत्ति का दावा किया है जबकि इसमें रिचर्ड ऐबरस की ओर से पांच लाख डॉलर से अधिक का योगदान शामिल है, जबकि फाउंडेशन ने लगभग छह लाख डॉलर खर्च किए।

न्यूयॉर्क के अटॉर्नी जनरल एरिक शनाईडरमेन ने सितंबर में कहा कि उनका कार्यालय इस बात की 'आश्वासन चाहता है कि क्या फाउंडेशन न्यूयॉर्क धर्मार्थ नियमों का पालन कर रहा है या नहीं। उन्होंने इस समय सीएनएन को बताया कि हमें यह आशंका है कि ट्रम्प फाउंडेशन इस बारे मे किसी न किसी प्रकार की अनियमितता में शामिल है।

अमेरिकी मीडिया का कहना है कि अटार्नी जनरल कार्यालय ट्रम्प फाउंडेश की जून से जाँच कर रहा है। फ्लोरिडा अटॉर्नी जनरल पाम बोनडी को दिए जाने वाली 25 हजार डॉलर की राशि की जांच की जा रही है और श्रीमती बोनडी किसी भी धोखाधड़ी से इनकार करती हैं।