• यूरोप
Organs donation

फ्रांस ने कानून में बदलाव करके हर नागरिक के लिए अंगदान को जरूरू करार दे दिया है और एक जनवरी से यह कानून लागू भी हो चुका है। इसे लेकर बहुत से लोगों ने विरोध किया है और इसे अनिवार्य बनाने की आलोचना की है।

इस कानून को प्रिज़ूम्ड कंसेंट यानी प्रकल्पित सहमती नाम दिया गया है। इसके तहत कोई भी व्यक्ति अंगदान व टिश्यू दान कर सकता है। चाहे वो जीवित हो या मौत हो गई हो। चाहे इसके लिए व्यक्ति की सहमती हो या असहमती।

अगर कोई नागरिक अंगदान नहीं करना चाहता तो उसे राष्ट्रीय रिजेक्शन रजिस्ट्री में नाम दर्ज करना होगा। मेडिकल टीम इस रजिस्ट्री को चेक करगी और फैसला लेगी कि अंगदान किया जाय या नहीं। कई यूरोपीय देशों में पहले से ही इस तरह का कानून मौजूद है। स्पने और ऑस्ट्रेलिया में भी प्रिज़ूम्ड कंसेंट लागू है।

इस कानून के लागू होने के बाद 150,000 लोगों ने विरोध प्रकट करते हुए असहमति रजिस्टर पर हस्ताक्षर किए हैं। इन सभी लोगों ने अंगदान नहीं करने की इच्छा जाहिर की है। बता दें कि 2008 में ब्रिटेन ने इस कानून को रद्द कर दिया था। इसकी जगह जनता में अंगदान के प्रति जागरुकता लाने वाला दूसरा कानून लाया गया था। इसके बाद 2015 में ब्रिटेन प्रिज़ूम्ड कंसेंट में संशोधन करने वाला पहला देश बना था। यह कानून सबसे पहले वेल्स में बना था। एनएचएस ब्लड एंड ट्रांसप्लांट के आंकड़े बताते हैं कि ब्रिटेन में 6,416 मरीज प्रत्यारोपण के लिए इंतजार कर रहे हैं। अप्रैल 2016 के बाद से 2,726 लोगों ने प्रत्यारोपण कराया है।