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भारतीय क्रिकेट टीम के सबसे सफल कप्तान साबित हुए महेन्द्र सिंह धोनी ने वनडे और टी20 की कप्तानी छोड़ते हुए उन्होने एक बार फिर सबको अचंभित कर दिया है। कप्तानी छोड़कर अचंभित करने का काम उन्होने दूसरी बार किया है। टेस्ट की कप्तानी भी उन्होने कुछ इसी अंदाज मे छोड़ी थी जब भी लोग आश्चर्य चकित रह गए थे। बीसीसीआई के चयनकर्ता आने वाले दिनों में टीम का चयन करने जा रहे हैं। धोनी ने अचानक कप्तानी छोड़ने का फैसला किया। क्रिकेट दिग्गजों का मानना है कि धोनी को मैदान में रहना चाहिए।

खैर अब तो कप्तानी छोड़ चुके है जबकि उनका कहना है कि उन्होने कप्तानी छोड़ी है क्रिकेट नही छोड़ा है। अर्थात संन्यास नही लिया है।

सुनील गावसकर

कप्तानी छोड़ क्रिकेट मे बने रहने पर भारत के पूर्व कप्तान सुनील गावस्कर का कहना है कि धोनी अभी विकेट के पीछे और अपने बल्ले से अभी काफी योगदान दे सकते है।

जहा उन्होने योगदान देने की बात कही वही उन्होने कहा कि धोनी ने कप्तानी छोड़ी है अगर वो क्रिकेट छोडते तो मै उनके घर के बाहर जाकर धरने पर बैठ जाता। धोनी एक ओवर मे मैच का पासा पलट देता है। खिलाड़ी के रूप मे भारत को अभी उनकी जरूरत है।  

धोनी फिनिशर है लेकिन वह नंबर चार या पांच पर उतरकर बड़ी पारी खेल सकता है और तब भी फिनिशर की भूमिका निभा सकता है। उन्होंने कहा कि मुझे नहीं लगता कि यह हैरान करने वाला फैसला है हां यह थोड़ा जल्दी लिया गया। मुझे लग रहा था कि वह चैंपियन्स ट्राफी तक कप्तान रहना चाहेगा जहां भारत मौजूदा चैंपियन है। 

क्या धोनी 2019 विश्व कप तक खेलना जारी रखेंगे, इस सवाल पर गावस्कर ने कहा, 'यह पूरी तरह से उनकी इच्छा और फार्म पर निर्भर करता है।

कपिल देव

भारतीय टीम के पूर्व कप्तान और पूर्व कोच कपिल देव ने धोनी के बारे मे कहा कि वे बहुत बड़े कप्तान रहे हैं और उन्होंने बहुत सेवाएं दी हैं। वे भारतीय क्रिकेट को बहुत आगे ले गए हैं। कपिल ने कहा हमें उनके फैसले का सम्मान करना चाहिए। नए बच्चों को मौका दिया जाना चाहिए। धोनी की सोच यही है कि वह नई पीढ़ी को मौका दे। मेरा यही मानना है कि देश के लिए खेलना ही सबसे बड़ा सम्मान है।